संयुक्‍त निदेशक ने डीआईओएस द्वितीय से मांगा प्रस्ताव, करीब 13 करोड़ की होगी रिकवरी, मचा हड़कंप

उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नियमों को दरकिनार करके सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में 89 शिक्षकों की नियुक्तियां की जाती हैं. अब इन सबकी नौकरियों को निरस्त करके इनसे तनख्‍वाह की वसूली करने की तैयारी की जा रही है. खास बात यह है कि नियम विपरीत यह नियुक्‍त‍ियां करीब तीन साल पहले सपा की सरकार में की गई थी. अब मामला खुला है भाजपा की सरकार में जो करोड़ों का वेतन वसूलने की तैयारी कर रही है.

जानकारी के मुताबिक, नियम के विपरीत जाकर नियुक्‍त किए गए इन 89 शिक्षकों की नौकरी छीनने की पूरी तैयारी कर ली गई है. अब तक इनसे वेतन के रूप में किए गए भुगतान की वसूली भी होगी. इन नियुक्तियों में नियमों की अनदेखी किए जाने की पुष्टि हुई है. निदेशालय के निर्देशों पर संयुक्त शिक्षा निदेशक सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने कार्रवाई शुरू कर दी है. जिला विद्यालय निरीक्षक (द्वितीय) नन्द कुमार से इन सभी नियुक्तियों को निरस्त करने का प्रस्ताव मांगा है. वहीं, जिला विद्यालय निरीक्षक (प्रथम) डॉ. मुकेश कुमार सिंह से इन शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन के रूप में किए गए भुगतान के संबंध में आंकलन देने के निर्देश दिए गए हैं.

यह है पूरा मामला

बता दें कि ये सभी नियुक्तियां शहर के सरकारी सहायता प्राप्त बालिका विद्यालयों में पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक (द्वितीय) धीरेन्द्र नाथ सिंह के कार्यकाल में यानी करीब तीन साल पहले की गई हैं. पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक (द्वितीय) पर इन नियुक्तियों में संलिप्त होने के आरोप भी लगे हैं. संयुक्त शिक्षा निदेशक सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने बताया कि निदेशालय की ओर से इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 की धारा -16 ई(10) के तहत इन सभी अनियमित नियुक्तियों को निरस्त करने के आदेश दिए गए हैं. उसी के आधार पर डीआईओएस प्रथम और डीआईओएस द्वितीय से प्रस्ताव मांगा गया है.

नौकरी बांटने के लिए हुआ खेल

इस पूरे प्रकरण की जांच अपर शिक्षा निदेशक (राजकीय) के स्तर पर की गई है. जांच में नियमों का अनदेखी कर नियुक्तियां किए जाने की पुष्टि हुई है. जांच में पाया गया है कि कई विद्यालयों में शिक्षकों के पद मृत्य होने के बाद भी नियुक्तियां कर दी गई. इसी तरह विज्ञापन से लेकर चयन समिति तक के गठन में खेल किया गया है.

करीब 13 करोड़ की वसूली

अभी तक इन शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन के रूप में करीब 13 करोड़ रुपये का भुगतान किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है. इसकी रिकवरी होगी. जानकारों की मानें तो डीआईओएस प्रथम के कार्यालय से बीते जनवरी माह में इसका आंकलन करीब 11.25 करोड़ रुपये किया गया था. इसकी रिपोर्ट भी शासन को भेजी जा चुकी है. अब यह बढ़कर 13 करोड़ रुपये तक होने की उम्मीद जताई जा रही है.

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