Home National आर्य समाज प्रदेश भर में करेगा यज्ञोत्सव, प्रयागराज से होगा शंखनाद

आर्य समाज प्रदेश भर में करेगा यज्ञोत्सव, प्रयागराज से होगा शंखनाद

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आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश ने की यज्ञोत्सव की घोषणा

आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश लखनऊ के प्रधान देवेंद्र पाल वर्मा की ओर से मंगलवार को प्रेस वार्ता को संबोधित किया गया. सभा के नरही स्थित कार्यालय पर आयोजित इस प्रेस वार्ता में देवेंद्र पाल वर्मा ने आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश की तरफ से शुरू किए जाने वाले राष्ट्रीय स्तरीय महाभियान ‘‘यज्ञोत्सव’’ की आधिकारिक घोषणा की. उन्होंने बताया कि ‘‘घर घर यज्ञ, हर घर यज्ञ’’ के मंत्र के साथ इस यज्ञोत्सव की शुरुआत की जा रही है. इसके तहत प्रदेश के प्रत्येक जिले में हर महीने यज्ञ का एक बड़ा महोत्सव यानी ‘‘यज्ञोत्सव’’ का आयोजन किया जाएगा. इसका उद्देश्य समाज के हर वर्ग को यज्ञ से जोड़ना व समाज के हर व्यक्ति तक यज्ञ के आध्यात्मिक और वैज्ञानिक लाभों को पहुंचाना है.

धर्म की नगरी प्रयागराज से होगी शुरुआत देवेंद्र पाल वर्मा ने बताया कि इस यज्ञोत्सव की शुरुआत धर्म की नगरी प्रयागराज में 11 सितंबर को प्रातः 11ः00 बजे से की जा रही है. समाज के प्रबुद्ध वर्ग से लेकर विद्वानों, वैज्ञानिकों, पर्यावरणविदों के साथ समाज के हर वर्ग से बुद्धिजीवियों को आमंत्रित किया जाएगा. इसकी सफल आयोजन की जिम्मेदारी आर्य समाज सिविल लाइंस नरही के पास है. देवेन्द्र पाल वर्मा ने कहा कि करीब डेढ़ साल पहले तक स्थिति भिन्न थीं. कोरोना संक्रमण और उसके बाद की स्थितियों ने आदमी को रुकने और सोचने के लिए मजबूर कर दिया. जीवन के असली रहस्य को समझने का मौका दिया है. अभी तक परमपिता परमेश्वर द्वारा निर्मित इस सृष्टि का अंधाधुन दोहन किया. अब वह समय है जब हर किसी को अपने स्तर पर इस सृष्टि को संभालना होगा.

‘‘यज्ञ वैदिक काल से हमारे जीवन का मूल रहा है. यह न केवल पर्यावरण को शुद्ध करते हैं बल्कि जीवन में एक नई ऊर्जा और विश्वास का प्रभाव सुनिश्चित करते हैं. अथर्व वेद में ऋषि-मुनियों ने लिखा है ‘‘अयज्ञियो हत वर्चो भवति’’ अर्थात, यज्ञ रहित मनुष्य का तेज नष्ट हो जाता है. यदि तेजस्वी रहना है तो यज्ञ करते रहना चाहिए.

ऋग्वेद कहता है, ‘‘अरं कृण्वन्तु वेदिं समग्निमिन्धतां पुरः’’ अर्थात् ईश्वर की आज्ञा है कि ”तुम यज्ञवेदी को अलंकृत करो और उसमें अग्नि को प्रज्वलित करो. वैदिक काल के ऋषि-मुनियों ने ही नहीं बल्कि आधुनिक काल के वैज्ञानिकों ने भी यज्ञों की प्रमाणिकता पर मुहर लगाई है. राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान (NBRI) संस्थान द्वारा किए गए एक शोध में पता चला है कि यज्ञ और हवन के दौरान उठने वाले धुएं से वायु में मौजूद हानिकारक जीवाणु 94 प्रतिशत तक नष्ट हो जाते हैं.

समाज के हर सदस्य को आगे आने की अपील

आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश लखनऊ के प्रधान श्री देवेंद्र पाल वर्मा ने इस प्रेस वार्ता के माध्यम से समाज के हर वर्ग को यज्ञ से इस सबसे बड़े उत्सव से जुड़ने और इसे सफल बनाने की अपील की. इस अवसर पर आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश लखनऊ के डॉ. बीपी आर्या, उपप्रधान, अजय श्रीवास्तव-सहायक कोषाध्यक्ष आदि उपस्थित रहे.

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