सोशल मीड‍िया पर मोदी सरकार का जमकर लोग कर रहे व‍िरोध. चुनाव से पहले महंगाई वाले पोस्‍टर जारी कर वोट की अपील करने वाली तस्‍वीरें की जा रही हैं साझा.

एक लीटर डीजल के लिए आप जितना पैसा दे रहे हैं, उसका 66 फीसदी हिस्सा सरकार टैक्स वसूल ले रही है…

देश की राजधानी में डीजल पहली बार पेट्रोल से महंगा हो गया है. तेल कंपनियों ने बुधवार को लगातार 18वें दिन डीजल महंगा किया. 48 पैसे महंगा होने के साथ ही दिल्ली में अब डीजल 79.88 रुपए प्रति लीटर के रेट पर मिल रहा है. पेट्रोल के रेट नहीं बदले हैं. वह 79.76 रुपये पर है.

बता दें क‍ि अप्रैल 2014 में एक लीटर डीजल पर करीब 10 रुपए एक्साइज ड्यूटी और वैट के चुकाने होते थे. अब आम आदमी को डीजल पर 50 रुपये सिर्फ टैक्स के चुकाने पड़ रहे हैं. क्रूड ऑयल 42 डॉलर प्रति बैरल पर है. 16 जून के प्राइस ब्रेकअप के मुताबिक, डीजल 75 रुपये पर है. इसमें बेस प्राइस, किराया भाड़ा और डीलर कमीशन 25.76 रुपया है. इसके ऊपर 50 रुपये सरकार टैक्स के तौर पर वसूल रही है. यानी एक लीटर डीजल के लिए आप जितना पैसा दे रहे हैं, उसका 66 फीसदी हिस्सा सरकार टैक्स वसूल ले रही है. केंद्र सरकार की टैक्‍स नीत‍ि को लेकर भी व‍िपक्षी दलों की ओर से व‍िरोध जताया जा रहा है.

व‍िरोधी दल की ओर से दावा क‍िया जा रहा है क‍ि इत‍िहास में ऐसा पहली बार हुआ है क‍ि जब डीजल का दाम पेट्रोल से भी महंगा हो गया है. सोशल मीड‍िया पर तो #NOMOREBJP तक ट्रेंड कर रहा है. इस बारे में समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष एवं उत्‍तर प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री अखि‍लेश यादव ट्वीट क‍िया है, ”70 साल में जो मुमकिन न हुआ… वो अब हो गया… अब माल-सामान का परिवहन भी महँगा होगा और खेती-किसानी में सिंचाई की लागत भी बढ़ेगी. आख़िर आ ही गये न पेट्रो-कंपनियों के ‘अच्छे दिन’! ट्रैक्टर, ट्रक वाले भाजपाई समर्थक भी अब साइकिल को अपनाएंगे. #NoMoreBJP

जनता में भी रोष…

पेट्रोल से महंगे हो चले डीजल के भाव को लेकर पूछने पर द‍िल्‍ली में रहने वाले संतोष रावत ने कहा, ”भाजपा ने महंगाई और भ्रष्‍टाचार का डर द‍िखाकर ही केंद्र की यूपीए सरकार को हराया था. मगर बीजेपी के ही राज में ऐसा पहली बार हुआ जब डीजल का भाव पेट्रोल के दाम को मुंह च‍िढ़ाकर आगे बढ़ गया है.” वहीं, उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रहने वाले व‍िनय यादव ने कहा, ”अब क्‍या कहें? चीजें सस्‍ती होती हैं तो उसका लाभ कभी म‍िलता नहीं और जब महंगाई आती है तो उसे हमें झेलना ही पड़ता है. सरकार को हमारी बातों से क्‍या. जो दाम होगा उतने में तो हमें खरीदना ही होगा.”

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