एयर इंडिया एक्सप्रेस का एक विमान केरल के कोझिकोड हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया है. विमान दुबई से आ रहा था. विमान में चालक दल के सदस्यों समेत 191 लोग सवार थे. ख़बर लिखे जाने तक केरल के डीजीपी ने बताया कि इस हादसे में 18 लोगों की मौत हुई है. वहीं विमान में चार लोग बुरी तरह से फंस गए हैं.

हादसे के बाद राहत और बचाव के लिए टीमें पहुंच गई हैं. फायर ब्रिगेड और 24 ऐम्बुलेंस की गाड़ियां घटनास्थल पर मौजूद हैं. इस हादसे के बाद केरल पुलिस का कहना है कि घायलों को विमान से निकाला गया है और विभिन्न स्थानीय अस्पतालों में एडमिट कराया गया है. बाकि लोगों को खोजने का काम जारी है. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने मामले की विस्तृत जांच का आदेश दिया है.

जानकारी के मुताबिक, यात्रियों में 10 बच्चे और चालक दल के सात सदस्य शामिल थे. एयर इंडिया एक्सप्रेस ने ट्वीट कर हादसे पर पछतावा ज़ाहिर किया है और इससे जुड़ी जानकारी साझा करने का आश्वासन दिया है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बयान के मुताबिक़ ये हादसा शाम सात बजकर 41 मिनट पर हुआ. विमान लैंड करते समय रनवे से आगे निकल गया. लेकिन विमान में आग नहीं लगी है.

एयर इंडिया एक्सप्रेस से मिली जानकारी के अनुसार दुबई से आ रहे इस विमान में 10 नवजात और छह क्रू मेंबर समेत 184 यात्री सवार थे. राहत और बचाव कार्य के लिए कोझिकोड के लिए एक NDRF की टीम को रवाना किया गया है.

दो बार की गई लैंडिंग की कोशिश…


एक पॉपुलर ग्लोबल फ्लाइट ट्रैकर ने अपने वेबसाइट पर दर्शाया है कि केरल के कोझिकोड एयरपोर्ट के रनवे पर फिसलने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस प्लेन को कम से कम दो बार लैंड कराने की कोशिश की गई थी. एक स्विडिश फर्म की ट्रैकिंग वेबसाइट ‘फ्लाइटट्रेडर24’ कमर्शियल फ्लाइट की रियल टाइम ट्रैकिंग को मैप के जरिए जानकारी देती है.

इस वेबसाइट ने दिखलाया है कि बोइंग 737 एनजी, जो 190 लोगों को लेकर दुबई से आ रही फ्लाइट ने केरल के कोझिकोड एयरपोर्ट पर दो बार लैंड कराने की कोशिश की. विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने ट्वीट करके जानकारी दी है कि एक्स कोझिकोड एयरपोर्ट एक टेबलटॉप एयरपोर्ट है, इसका मतलब है कि हवाई पट्टी के आस-पास घाटी होती है. टेबलटॉप में रनवे खत्‍म होने के बाद आगे ज्‍यादा जगह नहीं होती है.

किसे कहते हैं टेबलटॉप रनवे

टेबलटॉप यानी दोनों तरफ खाली जगह और ऊपर समतल रनवे, इसी को टेबल टॉप रनवे कहते हैं. ऐसे रनवे किसी पहाड़ी या फिर ऐसी कोई जगह जो नीचे से स्लोप वाली हो और उसके टॉप पर स्थित किसी एयरपोर्ट पर बनाए गए होते हैं. ऐसे रनवे पर लैंडिंग के लिए पायलट्स को खास ट्रेनिंग दी जाती है. क्योंकि कहा जाता है कि लैंडिंग के वक्त ऐसे रनवे एक तरीके का भ्रम पैदा करते हैं. इसीलिए यहां परफेक्ट लैंडिंग काफी जरूरी होती है.

बता दें कि अगर मौसम खराब हो तो इन रनवे पर लैंडिंग काफी मुश्किल हो जाती है. अमूमन ऐसे रनवे के दोनों तरफ गहरी खाई या फिर घाटी होती हैं. जैसा कि केरल के कोझिकोड में हुआ. विमान रनवे से फिसलकर सीधे घाटी में जा गिरा, जिसकी वजह से उसके दो टुकड़े हुए और इतने लोगों की मौत हुई.

पायलट दीपक साठे को सोशल मीडिया पर मिल रही श्रद्धांजलि…

दिवंगत पायलट दीपक साठे की होशियारी से बच गई कइयों की जान.

कोझिकोड के विमान हादसे में जान गंवाने वाले पायलट दीपक साठे को सोशल मीडिया पर लोग अपनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं. एयरफोर्स के बैकग्राउंड और अपने कुशल एविएशन एक्सपीरियंस के बल पर दीपक ने कोझिकोड में विमान को बचाने की बहुत कोशिश की. लेकिन इन तमाम कोशिश के बावजूद दीपक का विमान हादसे का शिकार हो गया और इस घटना में कई लोगों की मौत हो गई. एयर इंडिया के लिए काम करने वाले दीपक एक जमाने में एयरफोर्स अकैडमी के एक होनहार कैडेट के रूप में जाने जाते थे. दीपक साठे को उनकी काबिलियत के बल पर एयरफोर्स अकैडमी का प्रतिष्ठित ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’ सम्मान भी मिल चुका था. एयरफोर्स की नौकरी के बाद दीपक ने एयर इंडिया की कॉमर्शियल सर्विसेज जॉइन कर ली थी. पायलट दीपक साठे के पिता सेना में ब्रिगेडियर थे. उन्‍होंने अपना दूसरा बेटा खोया है. उनके पहले पुत्र करगिल युद्ध में शहीद हो चुके हैं.

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