Home National जानें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बनने वाले पुष्कर सिंह धामी की पूरी कहानी

जानें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बनने वाले पुष्कर सिंह धामी की पूरी कहानी

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मेरी पार्टी ने एक सामान्य से कार्यकर्ता को सेवा का अवसर दिया है. जनता के मुद्दों पर हम सबका सहयोग लेकर काम करेंगे : धामी

लखनऊ/देहरादून. बीजेपी विधायक दल की बैठक में उधमसिंहनगर जिले की खटीमा विधानसभा सीट से विधायक पुष्‍कर सिंह धामी के नाम पर मुहर लगाई गई.

खटीमा के उधम सिंह नगर से विधायक पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखंड के विधानमंडल का नेता निर्वाचित होने पर हार्दिक बधाई देते सहयोगी.

विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद पुष्कर सिंह धामी राज्यपाल बेबी रानी मौर्य से मिलने राजभवन पहुंचे. बताया जा रहा है कि पुष्‍कर धामी रविवार को पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे. उधर, पुष्कर धामी ने कहा कि मेरी पार्टी ने एक सामान्य से कार्यकर्ता को सेवा का अवसर दिया है. जनता के मुद्दों पर हम सबका सहयोग लेकर काम करेंगे.

इससे पहले शनिवार को केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की मौजूदगी में बीजेपी विधायक दल की बैठक हुई. इसमें पुष्कर सिंह धामी को विधायक दल का नेता चुन लिया गया. बताया गया कि प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने पुष्‍कर धामी के नाम का प्रस्‍ताव रखा. इसके बाद बीजेपी प्रदेश अध्‍यक्ष मदन कौशिक ने अनुमोदित किया. बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और प्रदेश प्रभारी दुष्‍यंत गौतम, राष्ट्रीय महामंत्री डी पुरंदेश्वरी भी मौजूद रहीं.

केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के कहे जाते हैं करीबी

धामी कुमाऊं क्षेत्र के उधम सिंह नगर जिले की खटीमा सीट से दो बार विधायक रह चुके हैं. वो 45 साल के हैं. संघ से बेहद अच्छे रिश्ते रखने वाले पुष्कर सिंह धामी को केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह का करीबी माना जाता है. धामी पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी भी रह चुके हैं. धामी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं. धामी का जन्म 16 सितंबर 1975 को पिथौरागढ़ के डीडी हाट तहसील के टुंडी गांव में हुआ था. उनके पिता सेना में थे, इसलिए बचपन से ही अनुशासित रहे हैं. उन्होंने मानव संसाधन प्रबंधन और औद्योगिक संबंध विषय में मास्टर डिग्री ली है. उन्होंने एलएलबी की शिक्षा भी प्राप्त की है. साल 2017 के चुनावी हलफनामे में उन्होंने अपना पेशा वकालत बताया था.

धामी ने अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत बीजेपी की छात्र इकाई ABVP से की थी. साल 1990 से 1999 तक जिले से लेकर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे. बाद में वह AVBP के प्रदेश मंत्री बनाए गए.

उत्तराखंड बनने के बाद उन्होंने सीएम कोश्यारी के  एक अनुभवी सलाहकार के रूप में 2002 तक कार्य किया. धामी 2002 से 2008 तक दो बार भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे. बेरोजगारी और युवाओं के तकनीकी शिक्षा पर विधानसभा में धामी अक्सर सवाल उठाते रहे हैं. दरअसल, शुक्रवार की शाम सीएम तीरथ सिंह रावत ने नाटकीय घटनाक्रम में अचानक इस्तीफा दे दिया. बीजेपी ने उनके इस्तीफे को संवैधानिक संकट का परिणाम बताया है. पार्टी की तरफ से सफाई दी गई है कि चुनाव आयोग ने कोरोना संकट को देखते हुए राज्य में उप चुनाव नहीं कराने का फैसला किया था. इसलिए संवैधानिक संकट खड़ा हो गया था. तीरथ सिंह रावत विधान सभा के सदस्य नहीं थे, जबकि सीएम बनने के छह महीने के अंदर उन्हें विधान सभा का सदस्य बनना था. ऐसी स्थिति में उन्होंने इस्तीफा दे दिया.

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