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8 अप्रैल से होगा वसंत उत्सव का आगाज़, सजेगी सांस्कृतिक कार्यक्रमों और हस्तियों की महफ़िल

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तीन दिवसीय महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ कई विचारक और हस्तियां लेंगी हिस्सा…

ऋतुराज वसंत को हर्षोल्लास के साथ मनाने, विदा करने एवं हिंदी नव-वर्ष विक्रम-संवत 2078 के आरम्भ के पूर्व पक्ष पर संस्कृति, कला, और विचारों के आदान प्रदान हेतु देश में पहली बार एक तीन दिवसीय कार्यक्रम लखनऊ में होगा.

सचिव आयोजन हिमांशु मिश्र ने बताया कि, यह केवल एक आयोजन नहीं एक जीवंत अवसर होगा, वसंत के वसंती रंग में स्वयं को वासंती कर अपने ह्रदय और आत्मा को प्रफुल्लित करने का.

युवा लेखकों, विचारकों व कलाकारों का होगा समागम

इस सम्बंध में हिमांशु, यह कार्यक्रम एक प्रयास है अपने मूल से सीखने का उसे पोषित करने का और हमारी सांस्कृतिक सरोकार के सभी जनों को जोड़ने का. यह आयोजन एक प्रयास है सभी को अपने मूल से जोड़ने के साथ ही अपने उत्तर प्रदेश के साहित्य, संस्कृति और कला के संवर्धन के लिये एक जीवन्त झांकी सजाने का. वसंतोत्सव के रूप में उत्तर प्रदेश के किशोर व युवा लेखकों, विचारकों, कलाकारों आदि को संस्कृति के और निकट लाने के साथ ही उन्हें बढ़ावा देने के वृहत विचार वाले एक मंच को सजाने का संकल्प ले रहे हैं. साथ ही हमारा प्रयास समाज के श्रेष्ठ व वरिष्ठ विचारकों लेखकों, कलाकारों आदि को इस आयोजन के माध्यम से अपने साथ जोड़कर उनसे सार्थक, समसामयिक संवाद स्थापित करने की भी होगी जिससे नववर्ष कि शरुआत मन-भावन होने के साथ मार्गदर्शी भी हो.

सूबे की लोक कला का होगा दुनिया से परिचय

वसंत-उत्सव के माध्यम से आयोजकों का प्रयास है कि उत्तर प्रदेश की संस्कृति, लोक कला और साहित्य को देश-दुनिया के समक्ष प्रस्तुत किया जाय एवं नूतन वर्षारम्भ अपने मूल्यों से जुड़कर प्रगति की एक नवीन आख्या लिखते हुए की जाये.

उत्तर प्रदेश की संस्कृति पर होगा आधारित

कार्यक्रम की कोऑर्डिनेटर अनन्या द्विवेदी के अनुसार प्रमुख हिंदी भाषी प्रदेशों में से एक, देश में कला, साहित्य एवं विचारकों के गढ़ उत्तर-प्रदेश में और उत्तर प्रदेश पर केंद्रित इस पहल और हिंदी वर्षारम्भ के पूर्व माह पक्ष पर होने वाले आयोजनों को सफल बनाने के लिऐ सभी को जोड़ने हेतु सरकार के सांस्कृतिक विभाग, राष्ट्रीय कथक संस्थान, ललित कला अकादमी, लखनऊ प्रशासन एवं प्रदेश के कई बड़ी यूनिवर्सिटी एवं कॉलेजों से संपर्क साधा गया है. चूंकि, यह कोविड काल के बाद होने वाले बड़े आयोजनों में से एक होगा, इसलिए इसकी योजना में कोवीड संबंधी नियमों का पालन किया जायेगा.

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