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चीन की चुप्पी के खुलने लगे हैं राज, कोरोना पर जो बोला वह हो गया लापता

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  • दुनिया को कोरोना संकट देने वाला चीन अब घिरता जा रहा है.
  • महामारी वाले वायरस की जिसने भी दी जानकारी वह हो गया गायब.
  • अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से उठ रही उन व्हिसिलब्लोवर्स को तलाशने की आवाज़.

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अब चीन को लेकर सवाल उठने लगे हैं. कोरोना वायरस को लेकर जिस-जिस व्हिसिलब्लोवर ने चीन में आवाज़ बुलंद की थी, वह अजीबोगरीब तरीके से लापता हो गया है.

दरअसल, मानवाधिकार संगठन से जुड़े लोगों ने चीन से यह सवाल पूछना शुरू कर दिया है कि कोरोना की शुरुआती जानकारी देने वाले व्हिसिलब्लोवर कहां हैं? असल में दुनिया को कोरोना की जानकारी देने वाले वे लोग अब नदारद हैं. उनका सोशल मीडिया पर भी कोई पता नहीं चल रहा है. मानवाधिकार से जुड़े लोगों को शक है कि चीन की फांसीवादी सरकार ने उन्हें मार दिया है.

रविवार को डेली मेल नाम के एक प्रसिद्ध अखबार में एक ख़बर ने सभी का ध्यान आकर्षित किया है. अखबार का दावा है कि ने करीब 1.4 करोड़ लोगों को कोरोना वायरस के बारे में बात करने तक से मना कर रखा है.

वहीं, अखबार ने अपने सूत्रों के मुताबिक लिखा है कि चीन में इस महाबीमारी के बारे में मात्र पहले ही सप्ताह में सोशल मीडिया पर जानकारी देने वाले 5100 लोगों को गिरफ्तार लर लिया गया था. यही नहीं उनके मोबाइल एप्प के डाटा के तहत यह पाया गया था कि गिरफ्त में लिए गए सभी लोग पूरी तरह से स्वस्थ थे. इसके बावजूद उन्हें कोरोना संक्रमित बताकर जबरन क्वारन्टीन किया गया था.

इस बाबत यह भी जानकारी मिली है कि कम्युनिस्ट सरकार वाले देश में करीब दो लाख लोगों ने #wewantfreedomtospeech हैशटैग लगाकर कोरोना को लेकर जानकारी देनी शुरू की थी. मगर उन लोगों को सोशल मीडिया पर साइबर पुलिस की मदद से चुप करा दिया गया. इन्हीं कारणों से पूरी दुनिया इस महाबीमारी से बचने का उपाय तक नहीं तलाश पाई. विश्व संकट में घिर गया.

वहीं, चीनी मीडिया के अनुसार ‘वुहान सेट्रल अस्पताल के नेत्र-विशेषज्ञ वेनलियान्ग कोरोना वायरस से संक्रमित थे और 30 दिसंबर को ही उन्होंने अपने साथी डॉक्टरों को चेताया था कि उन्होंने कुछ मरीज़ों में सार्स जैसे वायरस के लक्षण देखे हैं.’

इसके बाद स्थानीय पुलिस ने उनसे मुँह बंद रखने को कहा था. साथ ही कहा था कि वे लोगों को भ्रमित ना करें. लेकिन बाद में डॉक्टर ली की बात सही साबित हुई.

34 वर्षीय डॉक्टर ली वेनलियांग को चीनी सोशल मीडिया में बीते कई दिनों से ‘हीरो’ बताया जा रहा था जिन्होंने सही समय पर लोगों को सतर्क करने का काम किया. उनकी भी कुछ समय के बाद इसी रहस्यमय बीमारी के चलते मौत हो गई थी.

खास बात यह है कि चीन अब अपने ही जाल में उलझता जा रहा है. कोरोना के अंत के बाद चीन पर समस्याओं का पहाड़ टूटने वाला है.

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